Wednesday, 18 January 2012

हम क़लम हम ज़ुबान बन जाओ


हम   क़लम     हम ज़ुबान   बन जाओ,
बन    सको तो     इन्सान   बन जाओ.

तारीकी    -ए- जेहालत    है      हर    सू,
नूर-ए-इल्म    बनो, फैज़ान बन    जाओ.

हालात  -ए-    जंग    हों         गर     पैदा,
वतन-ए-अज़ीज़ का पासबान बन जाओ.

Saturday, 14 January 2012

शेर-ओ- सुखन के क़ायल हैं

शौउर  -ओ- फ़न के क़ायल हैं ,
शेर-ओ- सुखन  के  क़ायल हैं .

फूलों     पर   इन्ह्सार   नहीं ,
हम     चमन  के  क़ायल  है.

"क़सीम" 

Monday, 9 January 2012

मेरा मुदावा -ए-ग़म बन जाओ

मेरा मुदावा -ए-ग़म    बन   जाओ
मेरा हाथ, मेरा  क़लम  बन जाओ.

लोग    तुझसे      रौशनी     मांगे
कुछ   ऐसे मेरे  सनम बन   जाओ.

"क़सीम"

Monday, 2 January 2012

नया साल में ..

पूरी हो तुम्हारी हर ख्वाहिश, हर आरजू ,हर अरमान नए  साल में,
तुम्हारे   ऊपर खुशियों के फूल   बरसाये  आसमान , नए साल   में.


ग़म की  ज़रा    सी  हवा   भी   छूने   न   पाए, तुम्हारे  दामन को
ऐ जाने   ग़ज़ल, ख़ुदा  तुमपर     हो जाये मेहरबान , नए  साल  में. 

बेसहारों   का  सहारा     बनो ,  बीमारों     का      मसीहा     बनो, 
करो काम कुछ ऐसा ,फ़ख्र  करे तुम पर  सारा जहान, नए साल में.


गर मंज़िल-ए-जानां  की  जुस्तजू  है  ,दिल  में  तमन्ना   जवाँ  रख ,
दुश्वारियों की परवाह न कर,लगा दो अपना दिल-ओ जां,नए साल में.


माल-ओ -ज़र की आरज़ू नहीं ,तख़्त-ओ- ताज की तमन्ना नहीं "क़सीम"
गरीबों , दर्दमंदों ,  के  काम   आऊं,  बनूँ    ऐसा   इन्सान , नए   साल में .